बड़ी स्वाभाविक गलती हम किसी शेयर के बहुत बढ़ने पर भी करते हैं। सोचते हैं, शेयर पहले से 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर है तो कितना बढ़ेगा! भूल जाते हैं कि जब शेयर चढ़ता रहता है तो उसे खरीदने के आतुर बहुतेरे होते हैं, जबकि बेचनेवाले नगण्य। खरीदने की यही आतुरता उस शेयर को चढ़ाती जाती है। दीर्घकालिक निवेश के लिए यह तरीका घातक है। लेकिन ट्रेडिंग में ब्रेकआउट एक सही मंत्र है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी