वित्तीय संस्थाएं और बैंक तो साल भर ट्रेड करते हैं। लेकिन बहुत सारे प्रोफेशनल ट्रेडर कुछ ही महीने ट्रेड करते हैं। मसलन, कुछ ट्रेडर केवल तिमाही नतीजों के दौरान ही सक्रिय होते हैं। वे नतीजों से जोड़कर कंपनी के शेयर की चाल पर गौर करते हैं और उसके अनुरूप धैर्य से खरीदने या बेचने का फैसला करते हैं। वे अपना रिस्क अच्छी तरह जानते-समझते हैं। लेकिन अनावश्यक सटोरियापन से बचते हैं। अब पकड़ते हैं मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी