बाज़ार की सारी विद्या खुली किताब
2018-04-17
बाज़ार के गुरुघंटाल एक बार पकड़ लें तो आखिरी बूंद तक निचोड़ लेते हैं। इसलिए उनके चक्कर में पड़ना ही नहीं चाहिए। असल में सारी विद्या आपके सामने खुली है। कमियों के बावजूद हमारा शेयर बाज़ार इतना पारदर्शी है कि नज़र व समझ हो तो सब कुछ खुद जान-समझ सकते हैं। मोटी-सी बात यह है कि आपको किसी विशेषज्ञ की सलाह नहीं, बल्कि संस्थाओं की चाल को समझने की पुरज़ोर कोशिश करनी चाहिए। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

