बैंकों या बीमा कंपनियों के लिए कुछ दिनों में 4-5% का मुनाफा पर्याप्त होता है। इतना मुनाफा पाकर वे पहले निकल लेते हैं। फिर शेयर वहां से 2% तक गिर गया तो दोबारा खरीद लेते हैं। जब तक शेयर का भाव निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच जाता, तब वे उसे इसी तरफ फेटते रहते हैं। उनका एक-एक सौदा करोड़ों का होता है, इसलिए 4-5% फायदा भी उन्हें आराम से लाखों दे जाता है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी