बाज़ार बराबर बढ़ता और नई ऊंचाइयां छूता जा रहा है। हर कोई चहक रहा है। लेकिन अभी जितना बढ़ा है, उसका आधा भी गिर जाए तो बढ़ने की सारी खुशी काफूर हो जाएगी। वित्तीय बाज़ार में लोगों का सामान्य मनोविज्ञान है कि घाटा खाने की तकलीफ मुनाफे की खुशी से दोगुनी होती है। किसी शेयर में 2% स्टॉप-लॉस लगने का दुख दूसरे शेयर में 4% बढ़ने के सुख को पटरा कर देता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी