एलआईसी जैसी संस्थाओं और प्रोफेशनल ट्रेडरों की राह ही सही है। वे किसी सामान्य व्यापार की तरह शेयर बाज़ार में थोक के भाव पर खरीदते और रिटेल के भाव पर बेचते हैं। लेकिन ज्यादातर रिटेल ट्रेडरों को लगता है कि शेयर बाज़ार अन्य बाज़ारों से बहुत भिन्न है और वे अपना कोई सिस्टम विकसित किए बिना टिप्स के चक्कर में मारे-मारे फिरते हैं। सौदा गलत पड़े तो उनका अहंकार और ज्यादा फुफकारता है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी