पिछले दो हफ्ते में निफ्टी का 2.27% गिरकर 10,000 से नीचे आ जाना लंबे समय के निवेशकों के लिए सुखद है। गुब्बारे का पिचकना अच्छा है। कारण, सूचकांक में शामिल हर पांच में कम से कम दो कंपनियों की वित्तीय सेहत खराब है। कर्ज की फांस उन्हें दबोचे हुए है। ऐसे में चढ़े बाज़ार के भ्रम में नहीं आना चाहिए। निवेश तभी करें, जब उसमें रिटर्न मिलने की पूरी गुंजाइश हो। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर इस बार लाल किले की प्राचीर से सारे देशवासियों की तरफ से संकल्प किया है कि साल 2022 तक नया भारत बना लेंगे। उन्होंने कहा कि पांच साल बाद का ‘भव्य हिन्दुस्तान’ आतंकवाद, सम्प्रदायवाद व जातिवाद से मुक्त होगा। तब भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से कोई समझौता नहीं होगा। वह स्वच्छ होगा, स्वस्थ होगा और स्वराज के सपने को पूरा करेगा। गरीबों के पास बिजली व पानी से साथ पक्का घर होगा। किसान अभीऔरऔर भी

रुपया, अमेरिकी डॉलर या यूरोपीय यूरो। अपने-आप में इन मुद्राओं का कोई मूल्य नहीं। वास्तव में वो महज कागज का टुकड़ा हैं, माया हैं। उनका मूल्य इससे बनता है कि उनमें माल या सेवा खरीदने की कितनी औकात है। इसी तरह कंपनी में निवेश करते वक्त हमें सिर्फ यही नहीं देखना चाहिए कि उसके शेयर का भाव क्या है, बल्कि यह भी कि उसकी औकात या मूल्य क्या है। आज पेश है तथास्तु में एक मूल्यवती कंपनी…औरऔर भी