वित्तीय साक्षरता या शिक्षा का मकसद है कि हमें कोई उल्लू न बना सके, चाहे वो सरकार हो या वित्तीय सलाहकार। दिक्कत यह है कि शेयर बाज़ार में निवेश या ट्रेडिंग करनेवाले लोग तक खुद को वित्तीय मामलों में कायदे से शिक्षित नहीं करते। नतीजा यह होता है कि ब्रोकर उनके साथ बड़े आराम से छल करता है। बीमा एजेंट पॉलिसी बेचकर अपने कमीशन का इंतज़ाम कर लेता है, मगर उन्हें सब्जबाज़ दिखाकर। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी