जिनके पास सीमित बचत है, जो बस इतना कमाते हैं कि घर-परिवार चला लेने और आकस्मिकता से निपटने का इंतज़ाम कर लेने के बाद सालाना 40-50 हज़ार बचा पाते हैं, उनके लिए वित्तीय सलाहकार रखना संभव नहीं। उन्हें तो खुद ही वित्तीय रूप से साक्षर के साथ-साथ शिक्षित भी बनना पड़ता है। उन्हें बीमा का चक्कर भी समझना पड़ता है और शेयर बाज़ार से लेकर म्यूचुअल फंडों तक की जानकारी रखनी पड़ती है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी