शेयर बाज़ार का प्रतिनिधित्व करनेवाला बीएसई सेंसेक्स इस समय 22.64 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। यह कमोबेश वही स्तर है जिसके बाद 2008 में बाज़ार धड़ाम से गिर गया था। इससे ज्यादा मूल्यांकन वो 2000 में गया था, जिसके बाद डॉटकॉम का बुलबुला फूटा था। साफ है कि इस बार भी देर-सबेर बाज़ार को गिरना ही है। इसलिए निवेश में हड़बड़ी करने के बजाय इंतज़ार करना सही होगा। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

गंगा नगर से ईटा नगर और लेह से लक्षद्वीप तक छोटे-बडे सभी व्यापारी व कारोबारी परेशान हैं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जिस माल व सेवा कर या जीएसटी को ‘गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स’ की जगह ‘गुड एंड सिम्पल टैक्स’ बता रहे हैं, व्यापारी तबका उसे ‘गड़बड़ सड़बड़ टैक्स’ कह रहा है। दोनों में से सही कौन है? इसके जवाब में धूमिल की सीख याद आती है कि लोहे का स्वाद लोहार से मत पूछो, उस घोड़े से पूछो जिसके मुंहऔरऔर भी