बढ़ा है बाज़ार का राजनीतिक रिस्क
2017-06-14
पिछले दिनों जिस तरह महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के बाद देश के तमाम राज्यों में किसान आंदोलन भड़क गया, उसे देखते हुए फिलहाल राजनीतिक रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ गया लगता है। मालूम हो कि खेती-किसानी ने शिव की जटा की तरह असंतोष की उफनती गंगा को समेटकर रखा हुआ है। करोड़ों बेरोज़गार गांवों में खेती से जबरन चिपके हुए हैं। अगर एक बार वे वहां से छिटके तो उन्हें संभालना मुश्किल हो जाएगा। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

