पिछले कुछ हफ्तों से शेयर बाज़ार में विदेशी संस्थाएं बराबर बेच रही हैं, जबकि हमारे म्यूचुअल फंड बराबर खरीदे जा रहे हैं। कारण, आम निवेशक इनमें धन लगा रहे हैं तो खरीदना उनकी मजबूरी है। यह बराबर होता है कि जब बाज़ार शिखर पर होता है तभी रिटेल निवेशक उस ओर दौड़ते हैं। महंगा निवेश अंततः उन्हें मार लगाता है। मगर इंसानी लालच का किया क्या जाए! खैर, आज पेश है तथास्तु में एक और अच्छी कंपनी…औरऔर भी