नियत समय पर आनेवाली खबरों पर ट्रेड करने का एक तरीका हुआ, उनके आने से पहले अनुमान लगाकर रिस्क उठाना। दूसरा तरीका है खबर आने के बाद ट्रेड करना। यह तरीका अचानक टपक पड़नेवाली खबरों पर भी लागू होता है। ऐसा करने में होड़ बहुत ज्यादा होती है। इसलिए रिटेल ट्रेडर के पिट जाने का खतरा भी बहुत है। हालांकि बाज़ार बंद होने के बाद आनेवाले नतीजों/समाचारों पर खेलना थोड़ा आसान होता है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी