अचानक बाज़ार के गिर जाने पर सारी सावधानी के बावजूद दिल बैठ जाता है। जब अच्छी-खासी मजबूत कंपनियों के शेयर भी गोता लगाने लगते हैं और सारी पूंजी उड़ने लगती है, तब किसी का भी आहत होना स्वाभाविक है। लेकिन हम बराबर कहते रहे हैं कि अगर बुद्ध नहीं बन सकते तो आपको वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग से दूर रहना चाहिए। आपको अपना भावनात्मक संतुलन किसी भी हाल में नहीं टूटने देना चाहिए। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी