अर्थव्यवस्था जब जमकर बढ़ रही हो, तब शेयर बाज़ार चढ़ता जाए तो उसके टिके रहने पर काफी हद तक भरोसा किया जा सकता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियां जब देश की रेटिंग को निवेश के सबसे निचले पायदान से उठाने को तैयार न हों, तब बाज़ार की दशा-दिशा को लेकर हमेशा चौकन्ना रहना चाहिए। बता दें कि पिछले दस सालों में निफ्टी छह बार एक दिन में 10% से ज्यादा गिर चुका है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी