न बनें ‘इनसाइडर’ खबरों के शिकार
2017-05-03
अंदर की, अघोषित सूचनाओं के आधार पर शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग या निवेश करना अपराध है। इसे इनसाइडर ट्रेडिंग कहते हैं। यह अलग बात है कि यह अपराध तय होने में दसियों साल लग जाते हैं। उसके ऊपर भी अपील पर अपील चलती रहती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का ताज़ा मामला साल 2007 का है। इसमें बड़े मलाई खाते हैं, जबकि छोटे व रिटेल ट्रेडरों को ‘इनसाइडर’ खबरों के नाम पर फंसाया जाता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

