जानकारी हासिल करना आजकल बड़ा आसान है। गूगल पर सर्च करो और पलक झपकते हज़ारों सूचनाएं हाज़िर। लेकिन मंथन के बाद उन्हें ज्ञान तक पहुंचाने व हुनर बनाने में भरपूर वक्त लगता है। इस दौरान किसी साधना जैसा अनुशासन बरतना होता है। इसी तरह ट्रेडिंग में जब तक अपने माफिक पद्धति पा न ली जाए, तब तक धैर्य धरना पड़ता है। लेकिन प्रायः किनारे पर पहुचने से ठीक पहले कश्ती डूब जाती है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी

धंधा बढ़ाने के लिए दायरा बढ़ाना पड़ता है और दायरा बढ़ने से रिस्क या अनिश्चितता बढ़ जाती है। लेकिन इस डर से कोई दुबक कर नहीं बैठ जाता। बड़ी-बड़ी कंपनियां भी और ज्यादा बढ़ने के लिए दायरा बढ़ाती हैं। ग्लोबीकरण के बाद तो अपनी आईटी और दवा कंपनियों ने कुछ ज्यादा ही छलांग लगा दी। इससे रिस्क बढ़ने के साथ उनके अवसर भी बढ़ गए हैं। तथास्तु में आज इन्हीं में से एक क्षेत्र की बड़ी कंपनी…औरऔर भी