काया से जा फंसे छाया के जोखिम में
2017-02-21
कंपनियों में पांच-दस नहीं, बल्कि साल-दो साल के लिए भी निवेश करनेवालों की संख्या घटती जा रही है क्योंकि अधिकांश लोगों के लिए यह घाटे का सौदा साबित हुआ है। लगाया था सौ रुपए, दस साल में घटकर रह गया आठ रुपया। इसलिए आम निवेशक ट्रेडर बनते गए। उसमें भी कोई सिरा नहीं मिला तो मूल शेयरों के डेरिवेटिव्स, फ्यूचर्स व ऑप्शंस में खेलने लगे और कम से भयंकर जोखिम में धंस गए। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

