वित्तीय बाज़ार सिर्फ खरीद-बिक्री के संतुलन से नहीं, बल्कि मूल आर्थिक स्थिति से भी संचालित होता है। पिछले पांच-छह सालों में क्रूड ऑयल का हाल इसका प्रमाण हैं। जो लोग खाली चार्ट के भरोसे उसकी फ्यूचर ट्रेडिंग कर रहे थे, असली बाज़ार ने उनको कहीं का नहीं छोड़ा। कंपनियों के शेयरों के भाव भी अंततः उनके बिजनेस की मूल स्थिति से प्रभावित होते हैं। इसलिए ट्रेडिंग के लिए फंडामेंटल भी जानना जरूरी है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी