सॉफ्टवेयर पहले जो-जो हुआ है, उसे नियम में बांधकर एक ढर्रा निकाल सकता है। लेकिन ढर्रे में छिपा ट्रेंड नहीं पकड़ सकता है। वहीं, इंसान लगातार अपनी बुद्धि को माजता और दूसरों को हराने की रणनीति को परिष्कृत करता रहता है। इसीलिए सारे इंडीकेटरों के असर को मिलाकर की गई अल्गोरिदम ट्रेडिंग भी अक्सर हकीकत में घाटे का सबब बन जाती है। वैसे भी गर्दन पीछे मोड़कर आगे की राह सही नहीं दिखती। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी