इस समय भारत के शेयर बाज़ार में लगभग एक-तिहाई ट्रेडिंग अल्गोरिदम या नियमों से बंधे कंप्यूटर प्रोग्राम से हो रही है। अमेरिका में यह अनुपात 85% से ज्यादा है। भारत में भी आज नहीं तो कल यही हाल होना है। लेकिन क्या मशीन से होनेवाली ट्रेडिंग अंततः इंसान को मात दे सकती है? अगर आपको इसका जवाब ‘हां’ लगता है तो आप गलत हैं क्योंकि मशीन इंसान के स्वभाव को नहीं समझ सकती। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी