सस्ते अमेरिकी धन ने फुलाया गुब्बारा
2016-03-23
अमेरिका में पचास लाख करोड़ डॉलर ईमानदार मेहनत और बचत से आए होते तो आज दुनिया के हालात कुछ और ही होते। तब, फेडरल रिजर्व को ब्याज दर को असहज तरीके से शून्य या उसके पास रखने की ज़रूरत नहीं पड़ती। पिछले दस सालों में उसकी इस नीति के कारण अमेरिका के बचतकर्ताओं को करीब आठ लाख करोड़ डॉलर गंवाने पड़े हैं। ऊपर से सस्ता अमेरिकी धन वैश्विक बाजारों को फुलाए पड़ा है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

