जो प्रोफेशनल ट्रेडर हैं या किसी बैंक, बीमा कंपनी, म्यूचुअल फंड या वित्तीय संस्था से जुड़कर ट्रेडिंग करते हैं, उन्हें छोड दें तो बाकी लोग वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग को फटाफट नोट छापने का ज़रिया मानते हैं। यह सोच सरासर गलत है। अरे भाई! नोट केवल किसी देश का केंद्रीय बैंक, जैसे अपना रिजर्व बैंक की छाप सकता है। हमारे जैसे सामान्य लोग कठिन मेहनत और मशक्कत से ही नोट बना सकते हैं। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी