लद गया हर्षद और केतन का ज़माना
2016-02-04
बाज़ार में पहले तिकड़म बहुत चलता था। हर्षद मेहता से लेकर केतन पारेख तक कंपनियों के मालिकों व बैंकों की मिलीभगत से शेयर को 5 से 500 तक पहुंचाकर खेल करते थे। लेकिन अब यह धंधा हाशिए पर चला गया है। कोई इनसाइडर ट्रेडिंग से जेल जाने का जोखिम नहीं उठाना चाहता। फिर, कंपनी के लोगों को नतीजों के आसपास कुछ दिनों तक ट्रेडिंग से रोक दिया जाता है। ये अनिवार्य नियम है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

