वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग एक बिजनेस है तो यहां भी लागत को न्यूनतम रखते हुए मुनाफा बढ़ाने के यत्न किए जाने चाहिए। आजकल चार्टिंग सॉफ्टवेयर बेचने वाले बहुतेरे हैं। साल भर का 10-15 हज़ार रुपए लेते हैं, लेकिन उनका डेटा अक्सर अधूरा या करप्ट हो जाता है। सवाल उठता है कि बीएसई व एनएसई जब तमाम इंडीकेटरों के साथ खुद मुफ्त चार्टिंग की सुविधा देते हैं तो बाहर से खरीदने की क्या ज़रूरत? अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी