कंपनी जम जाए तभी कोई बात है
2015-10-25
खेती-किसानी का ज़माना लद गया। अब उद्योग-धंधे का ज़माना है। कृषि में भी बढ़ना है तो उसे घर की नहीं, उद्योग व समाज की खपत से जोड़ना पड़ेगा। खेती में परिवार की जायदाद अमूमन परिवार को ही मिलती थी। वहीं उद्योग में, खासकर लिस्टेड कंपनियों का स्वामित्व खुला है। कंपनी जम जाए तो कोई भी उसके मालिकाने में ‘शेयर’ खरीद सकता है। तथास्तु में हम ऐसी ही कंपनियां छांटने में मदद करते हैं। अब आज की कंपनी…औरऔर भी

