डेेरिवेटिव्स में 10% में सिमटें संस्थाएं
2015-10-13
अचंभे की बात यह है कि डेरिवेटिव्स या फ्यूचर्स व ऑप्शंस सौदों में देशी और विदेशी निवेशक संस्थाओं का योगदान 10% से भी कम है। हर दिन वहां होने वाले औसतन दो-ढाई लाख करोड़ रुपए के वोल्यूम का लगभग 90% हिस्सा रिटेल या अमीर निवेशकों और प्रॉपराइटरी ट्रेडरों व ब्रोकर फर्मों का है। सट्टेबाज़ी की मानसिकता इसकी एक वजह है। दूसरी अहम वजह यह है कि इन सौदों पर कम टैक्स लगता है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

