क्या शेयर या किसी भी वित्तीय बाज़ार में ट्रेडिंग सट्टा लगाने जैसा नहीं है? जब आप आंख मूंदकर मन के कहे मुताबिक दांव लगाते हैं तो यकीनन यह लॉटरी, जुआ या सट्टेबाज़ी से अलग नहीं। लेकिन, जब आप अवसरों की नापजोख के बाद ट्रेडिंग करते हो तो यह कतई सट्टेबाज़ी नहीं है। ट्रेडिंग में आप किस्मत से नहीं खेलते, बल्कि रिस्क लेते हो, जोखिम उठाते हो जिसका नफा-नुकसान आप पाते हो। अब पकड़ते हैं गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी