शेयरों के भाव चार चरणों में घूमते हैं। पहला चरण वो है जब भावी संभावनाओं को परखकर उसे दिग्गज संस्थान और समझदार निवेशक खरीदते हैं। दूसरे चरण में प्रोफेशनल ट्रेडर और म्यूचुअल फंड घुसते हैं। तीसरा चरण रिटेल ट्रेडरों की खरीद का होता है। लेकिन तब तक बढ़ने की गुंजाइश खत्म हो चुकी होती है और शेयर सीमित दायरे में भटकने के बाद गिरता चला जाता है। यह भावों का चौथा चरण है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी