पक्के ट्रेडरों के बीच में मान्यता है कि हर निवेशक मूलतः ट्रेडर होता है और ट्रेडिंग में फंस जाने पर मजबूरी में दीर्घकालिक निवेशक बन जाता है। लेकिन असलियत ऐसी नहीं। निवेश और ट्रेडिंग के मूलभूत सिद्धांत अलग हैं। दीगर बात है कि सुसंगत निवेश का समय घटकर अब दो साल और कुशल ट्रेडिंग इंट्रा-डे से निकल हफ्ते-दस दिन या एक-दो महीने की हो गई है। हमें यह बदलाव समझना चाहिए। अब आजमाते हैं बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी