संभलकर! छोटों में होते हैं खोटे बहुत
2015-05-17
पांच साल पहले जब मैंने ‘मल्टी-बैगर’ शब्द सुना तो न कुछ समझ में आया, न ही किसी ने समझाया। बाद में पता चला कि इसका सीधा-सा मतलब है कई गुना बढ़नेवाले शेयर। प्रायः ये स्मॉल-कैप कंपनियों के शेयर होते हैं। दिक्कत यह है कि ऐसे शेयर हफ्तों में आसमान छू लेते हैं, लेकिन दिनों में ही पाताल तक लुढ़क जाते हैं। इसलिए इनके चुनने में बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है। आज तथास्तु में एक संभावनामय स्मॉल-कैप कंपनी…औरऔर भी

