टेक्निकल एनालिसिस के तमाम इंडीकेटर अपने-आप में अधूरे हैं क्योंकि वे अब तक जो हो चुका है, उसी से निकला संकेत देते हैं। इसीलिए उन्हें लैंगिग इंडीकेटर कहा जाता है। लेकिन ठीक पिछली कैंडलस्टिक की बनावट और भावों के स्तर के साथ उन्हें मिला दें तो भविष्य के प्रबल संकेतक बन जाते हैं। कल हमारे सुझाए इमामी लिमिटेड में यही कमाल दिखा, जब उसने एक ही दिन में हफ्ते का लक्ष्य पा लिया। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी