फाइनेंस की दुनिया को लाते हैं पास
2015-04-05
फाइनेंस की पूरी एक गोल-गोल दुनिया है जो अर्थतंत्र के पूरक का काम करती है। केंद्रीय बैंक, नोटों को छापना, मुद्रास्फीति, सरकारी खज़ाने का घाटा, सरकार व कंपनियों के कर्ज, ब्याज की दर और ऐसी तमाम छोटी-बड़ी चीजें। पर आम लोग फाइनेंस की इस दुनिया में चक्कर खा जाते हैं तो अभी तक भौतिक आस्तियों से चिपके हुए हैं। हमारी कोशिश है कि फाइनेंस की दुनिया को सुलझाकर पेश किया जाए। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

