बहुचर्चित कहावत है कि स्टॉप-लॉस लगते ही जिस ट्रेडर का दिल बैठ जाए, उसकी हालत उस सर्जन जैसी है जो ऑपरेशन टेबल पर मरीज का खून देखते ही बेहोश हो जाए। यहां सारा खेल प्रायिकता है। अच्छे से अच्छे ट्रेड के भी गलत होने की प्रायिकता 20-25% हो सकती है। घाटा ज्यादा न लगे, इसीलिए स्टॉप-लॉस की व्यवस्था की गई है। कुछ लोग तो स्टॉप-लॉस को स्टॉक ट्रेडिंग की लागत बताते हैं। अब चलाएं बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

हर तरह के व्यापार की कुछ खास जानकारियां होती हैं। व्यापारियों के पास इन्हें पाने के अपने स्रोत, अपने ट्रेड-जर्नल होते हैं, मेटल का अलग, तेल का अलग। शेयर बाज़ार में भी प्रोफेशनल ट्रेडरों व संस्थाओं के पास अपने सॉफ्टवेयर व पेड सब्सक्रिप्शन होते हैं। बिजनेस अखबार या चैनल औरों को दिखाने को होते हैं, जानकारी के स्रोत नहीं। लेकिन हम रिटेल ट्रेडर इन्हीं को पुख्ता स्रोत मानते हैं जो गलत है। अब नए हफ्ते का आगाज़…औरऔर भी

ठीक तीन साल पहले 5 अक्टूबर 2011 हमने डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज़ में निवेश की सलाह दी थी। तब उसका पांच रुपए अंकित मूल्य का शेयर 1450 रुपए पर था। पांच रुपए का वही शेयर अभी 3210 रुपए पर चल रहा है। तीन साल में निवेश का 2.21 गुना हो जाना चमत्कार नहीं। यह है बढ़ती कंपनी के साथ आपके स्वामित्व के मूल्य का बढ़ते जाना। तथास्तु में एक और संभावनामय कंपनी जहां उड़ेगा आपका निवेश पंख लगाकर…औरऔर भी