जीतता वही जो भावना में बहता नहीं
2014-10-28
ट्रेडिंग करते वक्त भावनाओं पर नियंत्रण की बात बार-बार कही जाती है। इसकी एकमात्र वजह यह है कि भावनाओं में बहकर हम सच नहीं देख पाते। और, आप जानते ही हैं कि द्रोणाचार्य जैसा गुरु व महारथी भी भावनाओं में बहता है तो धृष्टद्युम्न जैसा सामान्य योद्धा तक उसे मार देता है। यह भी सच है कि घाटा लगते ही बड़े-बड़े धैर्यवान भावना में बह जाते हैं। इसीलिए बना है 2-6% का नियम। अब मंगलवार की मानसिकता…औरऔर भी

