बहुत से लोगों में डर बैठा हुआ है कि अभी विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के दम पर शेयर बाज़ार जिस तरह उठ रहा है, वह 16 मई को एनडीए की सरकार न बनने पर बैठ सकता है। यकीनन ऐसा होगा। पर ज्यादा समय के लिए नहीं क्योंकि दुनिया के पेंशन फंड भारत में निवेश नहीं करेंगे तो जरूरी रिटर्न हासिल नहीं कर सकते। इसलिए भारत में निवेश एफआईआई की मजबूरी है। अब समझते है मंगलवार की दशा-दिशा…औरऔर भी