दुनिया तो गोल थी ही। बाज़ार भी अब ग्लोबल हो चला है। पुतिन द्वारा युद्ध की घोषणा से यूक्रेन में लामबंदी। चीन में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन घटकर आठ माह के न्यूनतम स्तर पर। ऐसे तमाम घटनाक्रम भारतीय शेयर बाज़ार के लिए उतनी ही अहमियत रखते हैं जितनी दिसंबर तिमाही में आर्थिक विकास दर का घटकर 4.7% पर आ जाना। कोई कितनी खबरों के पीछे भागे! इसलिए भाव देखो, भावों का चार्ट देखो। अब वार मंगल का…औरऔर भी