माना उस्ताद, पर कमाते हो कितना!
2013-11-26
मेरे एक मित्र हैं। बता रहे थे कि कैसे उन्होंने एक सेमिनार में ट्रेडिंग सिखानेवाले इंस्ट्रक्टर की धज्जियां उड़ा दीं। उसने कहा कि कम-से-कम एक घंटे शांत रहें। लेकिन इन्होंने अपने सवालों से इतना तंग किया कि उसे ट्रेनिंग सेशन छोड़कर जाना पड़ा। मेरा कहना है कि सीखने के लिए विनम्रता ज़रूरी है और गुरु तो एक चींटी भी हो सकती है। ट्रेडिंग में आपके हुनर का इकलौता पैमाना है कि आप कितना कमाते हो। अब आगे…औरऔर भी

