भाव भगवान तो यूं बदलता क्यों है!
2013-09-24
माना और कहा जाता है कि भाव हमेशा सही होते हैं और वे बाज़ार में खरीदनेवालों और बेचनेवालों के बीच बनी अंतिम सहमति को दर्शाते हैं। लेकिन अगर ऐसा ही होता तो शेयर बाज़ार में वोल्यूम/कारोबार तो शून्य हो जाना चाहिए क्योंकि जब सहमति बन ही चुकी है तो उसे तोड़ेगा कौन? इसलिए भाव को भगवान मान भी लें तो वह हर पल, हर दिन बदलता रहता है और उसे बदलता है इंसान। अब रुख बाज़ार का…औरऔर भी

