ख्बाव नहीं, यहां ज़रूरी है सच देखना
2013-08-01
ख्वाब देखना ऐसी विलासिता है जिसे शेयर बाज़ार में बड़े से बड़ा ट्रेडर भी नहीं चला सकता। वो बरबाद हो जाएगा। इसलिए अगर आपके सौदे किसी ख्वाब या गट-फीलिंग पर आधारित हैं तो बेहतर यही होगा कि आप अपना धन शेयरों की जगह योग साधना या अच्छे मनोवैज्ञानिक की सलाह पर खर्च कर दें। वरना, यह गट-फीलिंग आपको एक दिन ले बीतेगी। ट्रेडिंग के लिए सच देखना जरूरी है, ख्वाब नहीं। अब देखते हैं आज का सच…औरऔर भी

