gold investments

सोने पर हम हिंदुस्तानी आज से नहीं, सदियों से फिदा हैं। पाते ही बौरा जाते हैं। उसकी मादकता हम पर छाई है। जुग-जमाना बदल गया। लेकिन यह उतरने का नाम ही नहीं ले रही। इसीलिए भारत अब भी दुनिया में सोने का सबसे बड़ा खरीदार है। चीन तेजी से बढ़ रहा है, फिर भी नंबर दो पर हैं। भारत में सोने की औसत सालाना खपत 800 टन (8 लाख किलो!!!) है। चीन में यह 600 टन केऔरऔर भी

चौदह-पंद्रह साल पहले तक देश में सोने की तस्करी का बोलबाला था। लेकिन भारत सरकार ने 1997 में सोने के बाजार को खोल दिया तो अब इसका कोई नामलेवा नहीं बचा। सरकार ने निश्चित शर्तों को पूरा करनेवाले बैंकों और एमएमटीसी जैसी सरकारी संस्थाओं को विदेश से सीधे सोना आयात करने की इजाजत दे रखी है। इस समय कुल 31 बैंक सोना आयात कर सकते हैं। वे इन्हें सिक्कों या छड़ों के रूप में बेचते हैं। शुद्धताऔरऔर भी

हम अपनी ही आभा की झूठी चकाचौंध और भ्रमों के बोझ तले इस कदर दबे रहते हैं कि असली सच को देख नहीं पाते। वह सच, जो हम से पूरी तरह स्वतंत्र है, जिससे हमारी पूरी दुनिया संचालित होती है।और भीऔर भी