गाड़ी रखना अब आपकी जेब के लिए और भारी पड़ सकता है। दोपहिया वाहनों, निजी कारों और भारी वाहनों के लिए थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में 25 अप्रैल से 65 फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने कहा कि चार साल के अंतराल के बाद प्रीमियम में संशोधन किया जा रहा है। इरडा ने यह भी कहा है कि अब से थर्ड पार्टी या तीसरे पक्ष की मोटर बीमा प्रीमियम दरोंऔरऔर भी

देश में फरवरी माह में चेक के जरिये लेनदेन का आंकड़ा 2.5 फीसदी बढ़कर 7.97 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार साल भर पहले फरवरी, 2010 चेक के जरिये लेनदेन का आंकड़ा 7.77 लाख करोड़ रुपए का रहा था। आंकड़ों के अनुसार, फरवरी माह में बैंकों द्वारा कुल 1080.9 लाख चेक क्लियर किए गए। इससे पिछले साल इसी माह में 1076.3 लाख चेक क्लियर किए गए थे। बीते वित्तऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी एक नया संयंत्र लगाने की योजना बना रही है। मानेसर में कंपनी की दो नई इकाइयों पर पहले से काम चल रहा है। कंपनी ने 2015-16 तक सालाना 30 लाख कारों की बिक्री का लक्ष्य रखा है। ऑटो उद्योग के सूत्रों ने बताया कि कंपनी पहले से ही सातवां संयंत्र लगाने पर प्रबंधन स्तर पर विचार-विमर्श कर रही है। इस बारे में अंतिम फैसला एक साल में कर लियाऔरऔर भी

रोजगार के अवसरों की कमी के बीच छात्र समुदाय के लिए थोड़ी सुखद खबर है। अगले दो साल में बैंकिंग, अर्धसैनिक बलों, रेलवे व बीमा आदि क्षेत्रों में कई लाख पदों को भरे जाने की योजना है। इस वर्ष की पहली छमाही के लिए अब तक 50 हजार से अधिक पदों के विज्ञापन निकाले जा चुके हैं। भारतीय स्टेट बैंक ने विभिन्न स्तर पर 6113 पद, इलाहाबाद बैंक ने पीओ के 1500 पद, पंजाब नेशनल बैंक नेऔरऔर भी

विश्व अर्थव्यवस्था में एशिया की स्थिति 16वीं व 17वीं सदी जैसी होने जा रही है। तब विश्व अर्थव्यवस्था में एशिया का योगदान 60 फीसदी के आसपास था। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अब भारत, चीन और जापान के बीच आर्थिक सहयोग में मजबूती की उम्मीद करते हुए अनुमान जताया है कि वर्ष 2050 तक दुनिया के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में एशिया का योगदान 50 फीसदी से अधिक हो जाएगा। एडीबी ने कहा कि बेहतर परिदृश्य मेंऔरऔर भी

कच्चे तेल का हल्ला हमारे लिए बेमतलब है। मध्य-पूर्व में राजनीतिक संकट उभरने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ते ही जा रहे हैं। लेकिन इसी दौरान निफ्टी 5400 से 5900 और सेंसेक्स 18,000 से 19,750 तक बढ़ चुका है। मतलब यह कि फिलहाल भारतीय बाजार को गिराने या उठाने के कारकों में तेल का उतना हाथ नहीं है। एक सोच कहती है कि तेल की हालत अर्थव्यवस्था में पलीता लगा देगी और इसलिएऔरऔर भी

एक बात गांठ बांध लें कि इस दुनिया में सबकी जगह है। लेकिन हर जगह सबकी नहीं है। इसलिए हर कामयाब आदमी को देखकर उसके जैसा बनने की तमन्ना न अच्छी होती है और न ही व्यावहारिक।और भीऔर भी