पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने तय किया है कि किसी भी नए एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) और उनके सब-एकाउंट को पंजीकरण के समय यह घोषणा करनी पड़ेगी कि वह चंद निवेशकों के लिए काम करनेवाली पीसीसी (प्रोटेक्टेड सेल कंपनी) या एसपीसी (सेग्रिगेटेड पोर्टफोलियो कंपनी) नहीं हैं और न ही दूसरा नाम रखकर वह ऐसा कोई काम करता है। साथ ही अगर कोई एफआईआई व्यापक निवेशकों के आधार वाले एमसीवी (मल्टी क्लास वेहिकल) के रूप में कामऔरऔर भी

अभी देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के सस्ते होमलोन की स्कीम 30 अप्रैल तक बढ़ाने के जवाब में किसी भी दूसरे बैंक को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था कि आज देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी ने धमाका कर दिया। उसने दोहरी ब्याज दर वाली होमलोन की नई स्कीम पेश कर दी है। इसके तहत 31 मार्च 2011 तक ग्राहक से 8.25 फीसदी सालाना ब्याज लिया जाएगा और फिर 1 अप्रैल 2011 सेऔरऔर भी

राठी बार्स को हमने कल खरीदने की सलाह दी थी और आज वह कल के बंद भाव 16.15 रुपए से 9.97 फीसदी बढ़कर 17.76 रुपए पर पहुंचा तो उस पर 10 फीसदी का ऊपरी सर्किट ब्रेकर लग गया। केवल आज ही इसमें 15.25 लाख शेयरों के सौदे हुए हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को उसमें 12.07 लाख शेयरों के सौदे हुए थे। असल चर्चा यह है कि उत्तर भारत की एक बड़ी स्टील कंपनी इसमें प्रवर्तकों कीऔरऔर भी

वाकई यह जानकार बड़ा अफसोस होता है कि हमारे ट्रेडर और यहां तक कि फंड मैनेजर भी बाजार में किस तरह सौदे और निवेश करते हैं। जब टाटा स्टील 150 रुपए पर था, तब मैंने इसमें खरीद की कॉल दी थी और अब यह 700 रुपए पर पहुंच गया है तब भी मेरी धारणा इसके बारे में तेजी की है। ऐसा क्यों? हमने मेटल सेक्टर पर अपनी रिसर्च में, जब स्टील का दाम 21,000 रुपए प्रति टनऔरऔर भी

मार्च महीने में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 9.9 फीसदी हो गई है जो पिछले सत्रह महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। यह फरवरी माह में 9.89 फीसदी थी। केंद्र सरकार की तरफ आज जारी किए आंकड़ों के मुताबिक इस मार्च में चीनी की कीमतें पिछले मार्च से 48.75 फीसदी और दालों की कीमतें 31.40 फीसदी अधिक हैं। मुद्रास्फीति की दर में 0.01 फीसदी बढ़त की खास वजह यही है। बता दें किऔरऔर भी

आईपीएल के कमिश्नर ललित मोदी  मेरठ के पास के मोदीनगर वाले मोदी समूह से वास्ता रखते हैं। वे मोदी एंटरप्राइसेज और गॉडफ्रे फिलिप्स के प्रमुख केके मोदी के मझले बेटे हैं। ललित पढ़ने-लिखने में यूं ही थे। भारत में किसी कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला तो अमेरिका चले गए पढ़ने। ड्यूक यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे तो ड्रग्स के चक्कर में पड़ गए। लेकिन घरवालों को असली दिक्कत तब हुई जब उन्होंने अपने से नौ साल बड़ीऔरऔर भी

ज्यादातर भारतीय म्यूचुअल फंड में निवेश करने से घबराते हैं। ऐसा इसलिए कि एक तो उन्हें इसमें भारी जोखिम नजर आता है, दूसरे वे जानते ही नहीं कि निवेश का यह माध्यम काम कैसे करता है। यह बात रिसर्च व विश्लेषण से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय फर्म बोस्टन एनालिटिक्स की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है। बोस्टन एनालिटिक्स ने पिछले महीने देश के 15 शहरों में तकरीबन 10,000 लोगों से बातचीत के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। रिपोर्ट काऔरऔर भी

अक्टूबर 2007 में राठी बार्स ने पब्लिक इश्यू में 35 रुपए के मूल्य पर अपने शेयर जारी किए थे। इसके बाद न तो उसने कोई डिविडेंड दिया है न ही बोनस शेयर जारी किए हैं। कंपनी की चुकता पूंजी तब भी 16.33 करोड़ रुपए थी और अब भी उतनी ही है। इसमें प्रवर्तक राठी परिवार की हिस्सेदारी 57.39 फीसदी है। लेकिन मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में उसके शेयर 17.40 रुपए पर पहुंचे तो यह उसकेऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी की तरफ से 14 जीवन बीमा कंपनियों को कोई भी नया यूलिप प्लान लाने से रोक दिए जाने के बावजूद न तो बीमा क्षेत्र के नियामक आईआरडीए और न ही निजी बीमा कंपनियों में कोई खलबली मची है। आईआरडीए के आला अफसर छुट्टी मना रहे हैं। जीवन बीमा कंपनियों के साझा मंच लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल की तरफ से उसके प्रमुख एस बी माथुर ने इतना भर कहा है कि मौजूदा यूलिपधारकों कोऔरऔर भी

बताते हैं कि दूसरों को अपने जैसा समझो। आत्मवत् सर्वभूतेषु। लेकिन दूसरा तो हमसे भिन्न है। स्वतंत्र व्यक्तित्व है उसका। हम जब भी इसे नहीं समझते, अपनी ही बातें थोपने लगते हैं तो तकरार बढ़ जाती है। इसलिए हरेक की भिन्नता का सम्मान जरूरी है।और भीऔर भी