इस समय सरकार व स्टॉक एक्सचेंजों के पास निवेशकों की सुरक्षा के लिए लगभग 1600 करोड़ का फंड है। इसमें से कॉरपोरेट मामलात मंत्रालय के पास 500 करोड़, बीएसई के पास 432 करोड़, एनएसई के पास 353 करोड़ और क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों के पास 300 करोड़ रुपए का फंड जमा है। इसके अलावा सेबी दोषी कंपनियों या व्यक्तियों से जो पेनाल्टी वसूल करती है वह भारत सरकार की समेकित निधि में चली जाती है। लेकिन इतने फंडऔरऔर भी

अगर कोई नीति कभी भी लागू नहीं हो पा रही है तो पक्की बात है कि उस नीति में कोई बुनियादी खामी है। इसलिए जो कानून लागू नहीं हो पा रहे हैं, उनमें यह तलाशने की जरूरत है कि उनका नट-बोल्ट कहां से ढीला है।और भीऔर भी

महंगाई पर काबू पाने की कीमत सरकार अब किसानों से वसूलने जा रही है। खेती की लागत बढ़ने के बावजूद वह इस बार खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने नहीं जा रही है। धान का मूल्य किसानों को वही मिलेगा जो पिछले साल मिला था। जबकि दलहन के मूल्य में की गई वृद्धि नाकाफी है। जिंस बाजार में दलहन की जो कीमतें हैं, उसके मुकाबले सरकार ने एमएसपी लगभग एक तिहाई रखा है। सरकार केऔरऔर भी