मैंने आपसे बोला था कि ओएनजीसी एक ही सत्र में 100 रुपए बढ़ जाएगा और प्राकृतिक गैस के मूल्य (एपीएम) पर सरकार के फैसले ने ऐसा कर दिखाया। ओएनजीसी का शेयर बीएसई में 112.50 रुपए तक बढ़ गया। हालांकि बंद हुआ 89.70 रुपए बढ़कर 1118.20 रुपए पर। बढ़ती अनिश्चितता के बीच भी निवेशक बने रहना बहादुरी का काम है। असल में समझदार लोगों को ऐसे दौर में खरीद करनी और बढ़ानी चाहिए। दिक्कत है कि शेयर बाजारऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए ओपन ऑफर की सीमा को न्यूनतम 20 फीसदी के मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 25 फीसदी कर सकती है। वह यह फैसला पिछले साल बनाई गई टेकओवर रेगुलेशंस एडवाइजरी कमिटी (टीआरएसी) की सिफारिशों के आधार पर करेगी। साथ ही यह भी संभव है कि ओपन ऑफर लाने की ट्रिगर लिमिट 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दी जाए। सूत्रों के मुताबिक सेबी जल्दी ही अपने टेकओवर कोडऔरऔर भी

आप अपनी बनाई चीज पर फिदा हैं। आपकी निगाह में बहुत कीमत है उसकी। लेकिन इससे क्या होता है? कीमत तो दूसरे की निगाह में होनी चाहिए। दूसरा ही तय करेगा कि आपकी चीज की औकात क्या है, आप नहीं।और भीऔर भी

यूं तो हमारे शेयर बाजारों में जिन 2500 से ज्यादा कंपनियों में रोज ट्रेडिग होती है, उसमें से मुझे लगता है कि तीन चौथाई निवेश के काबिल हैं। अर्थव्यवस्था की हालत दुरुस्त रही तो लंबे समय में ये सभी अपने शेयरधारकों को फायदा देंगी। लेकिन कभी-कभी कुछ अच्छी खबरें शेयरों को हवा दे देती हैं। जैसे, हमने ठीक सात दिन पहले बर्जर पेंट्स को कुछ सकारात्मक खबरों के आधार पर खरीदने की सिफारिश की थी। तब इसकाऔरऔर भी