सफर पर निकला मुसाफिर हूं। न संत हूं, न परम ज्ञानी। मेरे पास ज्ञान का खजाना नहीं जो आपको बांटता फिरूं। हर दिन बोता हूं, काटता हूं। दिहाड़ी का चक्र। जो मिलता है, उसे आप से साझा कर लेता हूं।
2011-11-20
सफर पर निकला मुसाफिर हूं। न संत हूं, न परम ज्ञानी। मेरे पास ज्ञान का खजाना नहीं जो आपको बांटता फिरूं। हर दिन बोता हूं, काटता हूं। दिहाड़ी का चक्र। जो मिलता है, उसे आप से साझा कर लेता हूं।
© 2010-2025 Arthkaam ... {Disclaimer} ... क्योंकि जानकारी ही पैसा है! ... Spreading Financial Freedom