डूबती ही जा रही है विकास की नब्ज़
जो एसबीआई पहले सरकार का पक्ष लेकर अभी तक अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी बताता रहा था, वह भी अब अपना टेम्पो नहीं बनाए रख पा रहा है। वह सबसे बड़ा बैंक और सरकारी ही नहीं, सरकार के सारे खाते संभालने वाला बैक भी है। जहां सब उम्मीद कर रहे थे कि पहली तिमाही में 5% तक डूबी विकास दर दूसरी तिमाही में 5.5% हो सकती है, वहीं एसबीआई का अनुमान 4.2% का है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी
