देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई ने मंगलवार को बीसीबी फाइनेंस की लिस्टिंग के साथ अपना अलग एसएमई एक्सचेंज प्लेटफॉर्म शुरू कर दिया। इससे लघु व मध्यम स्तर की कंपनियों को पूंजी बाजार से जोड़ा जाएगा। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने बीएसई को इसकी इजाजत पिछले साल सितंबर में ही दे दी थी। लेकिन इसे व्यावहारिक स्वरूप देने में इतना वक्त लगना लाजिमी था। मंगलवार को इस प्लेटफॉर्म पर पहली लिस्टिंग के मौके पर एक्सचेंजऔरऔर भी

फरवरी महीने में शेयर बाजार की गति को दिखानेवाला सूचकांक, निफ्टी 4 फीसदी बढ़ गया। लेकिन इस बढ़त से म्यूचुअल फंडों की आस्तियां (एयूएम) महज 2 फीसदी बढ़ी हैं। नोट करें कि यह म्यूचुअल फंड स्कीमों में आए निवेश का नहीं, बल्कि बाजार के बढ़ने से उनके निवेश में हुई बढ़त या मार्क टू मार्केट उपबल्धि को दर्शाता है। बाजार के बढ़ने की वजह फरवरी में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की तरफ से शेयरों में किया गयाऔरऔर भी

विमान निर्माता कंपनी, बोईंग को अमेरिका की संघीय और राज्य सरकारों से अरबों डॉलर की अवैध सब्सिडी मिलती है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने अपने दो साल पुराने इस फैसले को बहुत हद तक सही ठहराया है। डब्ल्यूटीओ ने यूरोपीय संघ की तरफ से साल 2005 में दाखिल शिकायत पर यह फैसला सुनाया है। हालांकि सब्सिडी की रकम को उसने यूरोपीय संघ के दावे से काफी कम माना है। डब्ल्यूटीओ नेऔरऔर भी

जिसका अंदेशा था, वैसा ही हुआ। फेसबुक ने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि घनेरों महंगे मुकदमों में हारने पर उसे मजबूरन अपना कामकाज बंद करना पड़ सकता है। वस्तुस्थिति का तो पता नहीं। लेकिन मंगलवार को सुबह से कई घंटों तक ये जबरदस्त लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट डाउन प़ड़ी रही। इस बीच ताजा घटनाक्रम में इंटरनेट सर्च इंजन याहू ने फेसबुक के ख़िलाफ़ बौद्धिक संपदा के उल्लंघन का मुक़दमा भी दायर कर दिया है।औरऔर भी

बड़े-बड़े विद्वानों और अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि जनवरी में भारत का औद्योगिक उत्पादन बहुत बढ़ा तो साल भर पहले की अपेक्षा 2.1 फीसदी ही बढ़ेगा। इस निराशा की वजह थी कि अक्टूबर 2011 में औद्योगिक उद्पादन बढ़ने के बजाय 5.1 फीसदी घट गया था। इसके अगले महीने नवंबर में यह 5.9 फीसदी बढ़ा, पर दिसंबर में फिर बढ़ने की रफ्तार घटकर 1.8 फीसदी पर आ गई। लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से सोमवार को जारी त्वरितऔरऔर भी

देश की अर्थव्यवस्था जल्दी ही 8-9 फीसदी की ऊंची सालाना विकास दर की राह पर वापस आ जाएगी। यूपीए सरकार की मुखिया के रूप में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सोमवार को यह दावा किया। वे संसद के बजट सत्र के पहले दिन राज्यसभा और लोकसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा  आर्थिक विकास दर भी अच्छी है। बता दें कि हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर साल भर के 8.4 फीसदी सेऔरऔर भी

वित्तीय जगत से जुड़े अधिकांश विश्लेषकों को नहीं लगता कि रिजर्व बैंक आम बजट से पहले गुरुवार, 15 मार्च को ब्याज दरों में कोई कमी करेगा। यह बात समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रायशुमारी से जाहिर हुई है। रॉयटर्स ने 20 विश्लेषकों से पूछा कि क्या रिजर्व बैंक रेपो दर को 8.5 फीसदी से घटा देगा? इसके जवाब में 17 विश्लेषकों ने कहा है कि ऐसा नहीं होने जा रहा। दो महीने पहले जनवरी में इसी तरहऔरऔर भी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के 1032 रुपए के मूल्य पर जारी किए गए शेयर शुक्रवार को नए नियम के मुताबिक एक घंटे के नीलामी सत्र के बाद बीएसई में 1387 रुपए और एनएसई में 1408 रुपए पर लिस्ट हुए। इस तरह लिस्टिंग मूल्य इश्यू मूल्य से क्रमशः 34.4 फीसदी और 36.4 फीसदी ज्यादा रहा। इसके बाद इस पर 20 फीसदी का सर्किट ब्रेकर लग गया। इसकी ऊपरी सीमा 1664.40 रुपए और निचली सीमा 1109.60 रुपए बांध दीऔरऔर भी

बजट में एक ऐसी घोषणा है जिसे करने के लिए सरकार के खजाने से कुछ नहीं जाता। इसके लिए वित्त मंत्री को बस अपनी छटांक भर की जुबान चलानी पड़ती है। यह है कृषि ऋण के लक्ष्य में बढ़ोतरी। पूरी उम्मीद है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी अगले हफ्ते शुक्रवार, 16 मार्च को 2012-13 का बजट पेश करते वक्त कृषि ऋण का लक्ष्य 25 फीसदी बढ़ा देंगे। चालू वित्त वर्ष के लिए कृषि ऋण का बजट लक्ष्यऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से फरवरी तक देश का निर्यात 21.4 फीसदी बढ़कर 267.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया। शुक्रवार को इन आंकड़ों की घोषणा करते हुए वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर इतने खुश हुए कि उन्होंने कहा कि लगता है कि वित्त वर्ष के अंत तक 300 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल कर लेंगे। वाणिज्य सचिव की तरफ से मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबिक, फरवरी में देश से हुआ निर्यात 4.3 फीसदीऔरऔर भी