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निफ्टी की दशा-दिशा: 16 फरवरी 2026 सोमवार शाम 3.30 बजे अंतिम रुख↑

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ऋद्धि-सिद्धि

सूरज निकलने के साथ नए विचार का एक कंकड़ ताकि हम वैचारिक जड़ता तोड़कर हर दिन नया कुछ सोच सकें और खुद जीवन में सफलता के नए सूत्र निकाल सकें…

apna nahi

सुना-सुनाया अपना नहीं

2026-02-16
By: अनिल रघुराज
On: February 16, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

vaikalpic drishti

एआई देती है वैकल्पिक दृष्टि

2026-02-15
By: अनिल रघुराज
On: February 15, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

katai bharose nahi

कतई भरोसा नहीं

2026-02-14
By: अनिल रघुराज
On: February 14, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

fursat bhi apnu nahi

फुरसत भी अपनी नहीं

2026-02-13
By: अनिल रघुराज
On: February 13, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

maukaparast

मौकापरस्तों की भरमार

2026-02-12
By: अनिल रघुराज
On: February 12, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

sansthaye aur loktantra

संस्थाएं हैं तो लोकतंत्र है

2026-02-11
By: अनिल रघुराज
On: February 11, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

kathin hai vo jadu

कठिन है तो जादू है

2026-02-10
By: अनिल रघुराज
On: February 10, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

aasan nahi jindagi

आसान नहीं, तभी तो ज़िंदगी है

2026-02-09
By: अनिल रघुराज
On: February 9, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

jatil lokshakti

तानाशाही सरल, लोकशाही जटिल

2026-02-08
By: अनिल रघुराज
On: February 8, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

vigyan me bahumat

विज्ञान में बहुमत नहीं

2026-02-07
By: अनिल रघुराज
On: February 7, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

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निवेश – तथास्तु

  • विषमता से भरा समाज और बाज़ार भी
    15 Feb 2026

    हमारे समाज जैसी ही विषमता शेयर बाज़ार में भी छाई हुई है। एक तरफ मुकेश अंबानी अपने बेटे की शादी पर 5000 करोड़ रुपए चुटकी बजाकर उड़ा देते हैं, दूसरी तरफ 81.35 करोड़ लोग अब भी हर महीने सरकार से मिलनेवाले मुफ्त पांच किलो राशन के मोहताज हैं। इसी तरह शेयर बाजार में निफ्टी-50 सूचकांक में शामिल कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर इटरनल जैसी एक तिहाई कंपनियां 50 से ज्यादा पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रही […]

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क्या आप जानते हैं?

  • हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

    इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की …

अपनों से अपनी बात

  • साल में 41-112%, मिले है सिर्फ यहां!

    भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि इसका लाभ आम आदमी को पूरा नहीं मिलता। अमीर-गरीब की खाईं बढ़ रही है। बाज़ार को आंख मूंदकर गालियां दी जा रही हैं। लेकिन बाज़ार सचेत लोगों के लिए आय और दौलत के सृजन ही नहीं, वितरण का काम भी करता है। हमने तथास्तु सेवा इसीलिए शुरू की है ताकि अर्थव्यवस्था, खासकर कंपनियों के बढ़ने का लाभ निपट गरीबी से ऊपर रहनेवाले लोगों तक पहुंचाया जा सके। वे जिन्हें बैंक बहुत हुआ तो 9 प्रतिशत देता है, जबकि वास्तविक महंगाई की दर 10 प्रतिशत से ऊपर रहती है। वे भागकर जाते हैं सोने और रीयल एस्टेट में चले जाते हैं तो उनकी बचत लॉक हो जाती है। देश के काम नहीं आती। खुद उनके कितने काम आएगी, यह भी पक्का नहीं। जो पिछले साढ़े चार सालों से अर्थकाम से जुड़े हैं, वे हमारी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भलीभांति वाकिफ हैं। शुरू में हम भी कच्चे थे तो बाज़ार के उस्तादों के जाल में फंस गए। गलतियां कीं। लेकिन जैसे ही समझ में आया, खटाक से उनसे किनारा कस लिया। करीब सवा साल पहले से नए सिरे से शुरू किया तो मजबूत आधार और गहन रिसर्च के साथ। उसी का नतीजा है कि हमारी सलाहें शानदार-जानदार रिटर्न दे रही हैं। पिछली बार हमने अगस्त 2013 से अगस्त 2014 तक का लेखाजोखा रखा था। अब सितंबर 2013 से सितंबर 2014 की बानगी पेश है। सितंबर 2013 में पांच रविवार थे तो पांच कंपनियां। आप नीचे की सारिणी से देख सकते हैं कि पांच में चार ने अपना (तीन से पांच साल का) लक्ष्य साल भर में ही पूरा कर लिया है, जबकि एक कंपनी 84.57 प्रतिशत रिटर्न के साथ लक्ष्य से ज़रा-सा पीछे है। तारीख कंपनी तब का भाव समय लक्ष्य 30/09/14 का भाव रिटर्न (%) 01/09/13 डॉ. रेड्डीज़ लैब 2292.90 3 साल 2815 3229.60 40.85 08/09/13 एचडीएफसी बैंक 616.20 3 साल 850 872.65 41.62 15/09/13 अतुल ऑटो 173.65 5 साल 260 367.90 111.86 22/09/13 कमिन्स इंडिया 409.25 3 साल 474 671.05 63.97 29/09/13 नवनीत एजुकेशन 53.15 3 साल 110 98.10 84.57   यहां यह भी गौर करने की बात है कि हम आमतौर पर हर महीने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉल कैप का संतुलन बनाकर चलते हैं। यह भी बताते हैं कि कहां पर एंट्री करें और आपके पास कुल एक लाख रुपए हों तो उस हफ्ते की कंपनी में कितना लगाना चाहिए, उसके कितने शेयर खरीदने चाहिए। मसलन, सितंबर 2013 में हमने तीन लार्जकैप, एक मिडकैप और एक स्मॉल कैप कंपनी आपके निवेश के लिए पेश की थी। इसमें से लार्ज कैप कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़ लैब का शेयर लक्ष्य हासिल कर चुका है और यही नहीं, 24 सितंबर 2014 को 3356.60 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर पकड़ चुका है। एचडीएफसी बैंक भी लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 30 सितंबर 2014 को 879.80 रुपए का शिखर हासिल कर चुका है। कमिन्स इंडिया भी लक्ष्य हासिल कर लेने के साथ 4 सितंबर 2014 को 720 रुपए पर 52 हफ्ते का शीर्ष छू चुका है। स्मॉल कैप की श्रेणी वाला स्टॉक अतुल ऑटो साल भर में 111.86 प्रतिशत का रिटर्न देकर लक्ष्य के काफी आगे निकल चुका है। यही नहीं, 12 सितंबर 2014 को वो 446.90 रुपए का शिखर भी चूम चुका है। बाकी बची मिडकैप कंपनी नवनीत एजुकेशन में तीन साल का लक्ष्य 110 रुपए था। उसका शेयर 10 सितंबर 2014 को 104.90 रुपए तक जाने के बाद 30 सितंबर को 2014 को 98.10 रुपए पर था, जो साल का 84.97 रिटर्न दिखाता है। आप ऊपर की सारिणी से देख सकते हैं कि 1 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2014 तक की अवधि में तथास्तु में बताई पांच कंपनियों ने न्यूनतम 40.85 प्रतिशत और अधिकतम 111.86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। इसी दौरान एनएसई निफ्टी ने 5550.75 से 7964.80 तक जाकर 43.49 प्रतिशत और बीएसई सेंसेक्स ने 18,886.13 से 26,567.99 तक पहुंचकर 40.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दोस्तों! पुरानी बात फिर दोहरा रहा हूं कि मात्र 200 रुपए में अगर कोई सवा आपको बाज़ार से ज्यादा रिटर्न दिला रही है, वो भी आपको आपकी भाषा में अच्छी तरह कंपनी की जानकारी देकर तो क्या इस सेवा को आपका और आपको इस सेवा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बढ़ रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठाइए। यकीन मानिए कि मोदी की सरकार बस एक निमित्त मात्र है। वो रहे या कोई और आए, अगले दस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जबरदस्त प्रगति के साल होने जा रहे हैं। इस दौरान एक साल में दोगुना ही नहीं, दस साल में अपनी बचत से दस गुना दौलत बनाने के मौके बहुत सारे आएंगे। दूसरे आपको बस उल्लू बनाएंगे। केवल हम ही हैं जो पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से आपके लिए निवेश के हर रविवार को शानदार मौके लेकर आते रहेंगे। तुलसीदास की चौपाई याद कीजिए – सकल पदारथ है जन मांही, कर्महीन नर पावत नाहीं। आपके हिस्से का कुछ कर्म हम कर दे रहे हैं। बाकी तो आपको ही करना पड़ेगा। इसलिए…. सोचिए। समझिए। फैसला कीजिए। तथास्तु!!!

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ट्रेडिंग – बुद्ध

  • मैन्यूफैक्चरिंग दे रहा सबसे ज्यादा चंदा!
    16 Feb 2026

    बेहद आश्चर्य की बात है कि देश के जिस मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की हालत पस्त है, भाजपा-नीत एनडीए के बारह सालों के शासन में जिसे बड़ी-बड़ी बातों के बावजूद अपने हाल पर छोड़ दिया गया, उसने राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने के लिए बने चुनावी ट्रस्टों को सबसे ज्यादा धन दिया है और इन ट्रस्टों ने सबसे ज्यादा चंदा भाजपा को दिया है। यह तथ्य एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के ताज़ा अध्ययन से उजागर हुआ है। आखिर इस […]

जानिए

  • ज़ीरो-सम गेम नहीं है यह
  • ईटीएफ: चलो बाजार खरीद लें
  • मायने आईपीओ ग्रेडिंग के
  • जवाब कमोडिटी बाजार के

बूझिए

  • ओपन ऑफर, बायबैक, डीलिस्टिंग
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क्या आप जानते हैं?

हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर

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