इस समय सरकार व स्टॉक एक्सचेंजों के पास निवेशकों की सुरक्षा के लिए लगभग 1600 करोड़ का फंड है। इसमें से कॉरपोरेट मामलात मंत्रालय के पास 500 करोड़, बीएसई के पास 432 करोड़, एनएसई के पास 353 करोड़ और क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों के पास 300 करोड़ रुपए का फंड जमा है। इसके अलावा सेबी दोषी कंपनियों या व्यक्तियों से जो पेनाल्टी वसूल करती है वह भारत सरकार की समेकित निधि में चली जाती है। लेकिन इतने फंडऔरऔर भी

इस समय तमिल, मलयालम, कन्नड़ और मराठी जैसी भारतीय भाषाओं की कई बेवसाइट हैं जिनकी हर दिन की हिट लाखों में हैं। जैसे deepika.com मूलतः मलयालम की साइट है जिसका हर दिन का हिट 30 लाख है। इसी तरह tamilcinema.com के रोज के हिट 1.50 लाख हैं। मराठी की एक साइट है maayboli.com जिस पर हर दिन की हिट करीब 1.40 लाख है। इन वेबसाइटों को चलानेवाले सामान्य लोग हैं। दिन में तीन से चार बार अपनीऔरऔर भी

जिन भारतीयों ने अपना काला धन स्विस बैंकों में रखा था, उन्होंने कानूनी शिकंजे से बचने के लिए नया तरीका ईजाद कर लिया है। वे इन गुप्त खातों से धन निकाल कर दुबई या सिंगापुर के फ्री ट्रेड ज़ोन की किसी कंपनी में लगाते हैं जहां उनसे धन का स्रोत नहीं पूछा जाता। कंपनी अपना कमीशन काटकर कुछ समय बाद स्विस बैंक में नया खाता खोलकर वही रकम कॉरपोरेट डिपॉजिट के रूप में डाल देती है औरऔरऔर भी

केंद्र सरकार के पास उन 50 बड़े कर चोरों की सूची है जिन्होंने जर्मनी के लीचटेंस्टाइन शहर के एलजीटी बैंक में अपना काला धन रखा हुआ है। जर्मन सरकार ने पिछले साल अप्रैल में भी यह सूची भारत सरकार को दे दी है। सरकार चाहें तो इस सूची में शामिल नाम सार्वजनिक कर सकती है, लेकिन कर नहीं रही है। अमेरिकी सरकार भी अपने नागरिकों की ऐसी सूची जर्मनी से हासिल कर चुकी है और दोषी कर-चोरोंऔरऔर भी

आंध्र प्रदेश के मशहूर तिरुपति मंदिर ने पहली बार अपना 1075 किलोग्राम सोना भारतीय स्टेट बैंक के पास जमा कराया है। अगर सोने का मूल्य प्रति दस ग्राम 18,000 रुपए ही मानें तो इस सोने की कीमत आज की तारीख में 953.50 करोड़ रुपए है। मंदिर को चलानेवाले ट्रस्ट, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम का कहना है कि बैंक के पास रखने से एक तो उनका सोना सुरक्षित हो गया है, दूसरे बेकार पड़े रहने के बजाय इस परऔरऔर भी

मुद्रा को अंग्रेजी में मनी कहते हैं जो खुद लैटिन के शब्द मोनेटा से निकला है। इटली को लोक कथाओं के अनुसार मोनेटा स्वर्ग की रानी, देवी जूनों का शुरुआती नाम है। प्राचीन काल में रोम में सिक्कों की ढलाई का काम भी जूनों के मंदिरों में होता था। शायद यही चलन मोनेटा से होते हुए मनी तक पहुंचने का सबब बन गया। आज तो मुद्रा को रेलवे स्टेशन पर शंटिंग करनेवाले इंजिन की तरह मानते हैंऔरऔर भी

विपक्ष ने गदर काट रखा है कि 2008 में 2 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भारी घोटाले के कारण ही सरकार को केवल 10,000 करोड रुपए मिल पाए थे। लेकिन दूरसंचार नियामक संस्था, टीआरएआई सुधार में जुट गई है। उसने कहा है कि 2 जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस के नवीकरण का आधार 3 जी के लिए मिले मूल्य (67,719 करोड़) को बनाया जाए और नवीकरण तक हर साल 3 फीसदी की दर से चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जाए।औरऔर भी

हाल ही में डेरिवेटिव सौदों में फ्रॉड करने के आरोप में अमेरिकी पूंजी बाजार नियामक संस्था, एसईसी की जांच के दायरे में आए निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स का नाम तो आपने सुना ही होगा। लेकिन शायद आपको नहीं पता कि दुनिया के चार सबसे तेजी से बढ़ते देशों – ब्राजील, रूस, भारत (इंडिया) और चीन को एक साथ मिलाकर ‘ब्रिक’ का नाम गोल्डमैन सैक्स ने ही 2001 में ईजाद किया था। साल 2000 से 2008 के दौरानऔरऔर भी

दुनिया में पहला एटीएम (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) 1967 में बारक्लेज बैंक की उत्तरी लंदन शाखा के बाहर लगाया था। इसकी खोज भारत में जन्मे और स्कॉटलैंड के नागरिक जॉन शेफर्ड बैरन ने की थी। वे एक प्रिंटिंग फर्म चलाते थे। 1965 में उनके दिमाग में एटीएम बनाने की बात तब आई, जब उन्हें एक दिन बैंक बंद होने के कारण खाली हाथ बैरंग वापस आना पड़ा था। उस दिन बाथरूम में बैठे-बैठे उन्होंने सोचा कि जब डिस्पेंसरऔरऔर भी

कहते हैं न कि घूरे का दिन भी एक दिन फिरता है। तो, ऐसे ही दुनिया में हर चीज का कोई न कोई दिन होता है। करोड़पति बनने का दिन भी बना दिया गया है। 20 मई को दुनिया में कई जगहों पर ‘बी ए मिलिनेयर डे’ के रूप में मनाया जाता है। असल में इस तरह के सारे दिन मार्केटिंग के तरीके का हिस्सा है। हर कोई करोड़पति बनना चाहता है तो कैसिनो व लॉटरी वालोऔरऔर भी